October 8, 2009

आत्महंता किसानों के लिए


  • मोहन साहिल 


देखो
अभी-अभी सरसो के पीले फूलों पर
आया है भंवरा
खामोश उदास तितलियां
फड़फड़ा उठी हैं
मरने की बात अभी मत सोचो

आम की डालियों पर आ गया है बौर
दूध उतर आया है गेहूं की बालियों में
मत करो ऐसे में मरने की बात
खेतों की यह मिट्टी
कितना जहर पीकर भी जिंदा है
हर कतरा उसका
जीवन उगाने को तत्पर

देखो
इस मिट्टी ने तुम्हारे छाले सहलाने को
उगाए हैं कपास के नर्म फूल
मिठास से भर दिया है गन्ना।


 शाली बाजार, ठियोग, जिला : शिमला. मो.-९८१७०१८०५२

1 comment:

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